परिणय सूत्र भोजपुरी मूवी : रानी चटर्जी की इमोशनल फैमिली फिल्म, दो सखियों की दोस्ती और बाल विवाह की सच्चाई
परिणय सूत्र भोजपुरी फुल स्टोरी 1970 के एक छोटे से गांव से शुरू होती है, जहां दो बचपन की सखियां रानी (रानी चटर्जी) और सुनीता (तनुश्री) एक-दूसरे की जान हैं। रानी एक अमीर जमींदार परिवार की विधवा है, जिसका इकलौता बेटा राजू (श्रेयश यादव/ढोलू) है। सुनीता गरीब किसान परिवार से है, दो बेटियां छोटी मंजू (दीक्षा मिश्रा) और बड़ी के साथ। दोनों सखियां हमेशा साथ रहती हैं, गाने गाती हैं ("सखी रे, जीवन के संग" एक दिल को छूने वाला गाना ) और सपने बुनती हैं।
फिल्म की कहानी: दोस्ती से समधन तक
* कहानी दो घनिष्ठ सखियों के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने बच्चों का रिश्ता जोड़कर उम्र भर का रिश्ता पक्का करना चाहती हैं।
* दोनों परिवार बच्चों का कम उम्र में ही विवाह तय कर देते हैं, जहां शादी धूमधाम से होती है, गीत-संगीत और रस्मो-रिवाज़ के साथ पूरा माहौल खुशनुमा दिखाया गया है।
* शादी के बाद तनुश्री के परिवार वालों के मन में ये बात भर दी जाती है कि यह रिश्ता दया और गरीबी-अमीरी के फर्क पर टिका है, जिससे रिश्तों में जहर घुलने लगता है।
ट्विस्ट, इमोशन और क्लाइमेक्स
* गलतफहमियों और अहंकार की वजह से दोनों सखियों के बीच मतभेद बढ़ते हैं और आखिरकार बच्चों का रिश्ता टूटने की नौबत आ जाती है; “हमार बेटी हमार बोझ ना ह” जैसी पंक्तियां फिल्म का जोरदार इमोशनल पंच बनती हैं।
* ट्रेलर में दिखता है कि छोटी छोटी बातों और समाज के तानों के बीच रिश्तों की डोर कैसे कमजोर होती जाती है, और सखियां “सखी से समधन” बनते-बनते एक दूसरे से दूर हो जाती हैं।
* बड़ा झटका तब आता है, जब तनुश्री के किरदार की सड़क दुर्घटना में मौत हो जाती है और रानी चटर्जी उसके बेटी की जिम्मेदारी अपने सिर लेकर “मां से बढ़कर माई” का रूप लेती हैं; क्लाइमेक्स को खास तौर पर दमदार बताया गया है।
अभिनय, निर्देशन और टेक्निकल पक्ष
कलाकारों में रानी चटर्जी, तनुश्री, राकेश बाबू, प्रशांत सिंह, ललित उपाध्याय, विद्या सिंह, रिंकू आयुषी, रामनरेश श्रीवास्तव, प्रिया राज पुरोहित और अशोक गुप्ता जैसे चेहरे कहानी को मजबूत करते हैं, जबकि बाल कलाकार दीक्षा मिश्रा और श्रेयश यादव (ढोलू) इमोशनल सीन्स में जान डालते हैं।
निर्देशक मंजुल ठाकुर ने कॉन्सेप्ट राइटर संदीप सिंह और डायलॉग राइटर अरबिंद तिवारी के साथ मिलकर रिश्तों की नाज़ुकता, बाल विवाह का मुद्दा और महिला सशक्तिकरण को संतुलित अंदाज में पिरोया है।
छायांकन इमरान शगुन का है, एडिटिंग समीर शैख और जाहिद खान ने की है, जबकि कोरियोग्राफी एम.के. गुप्ता (जॉय) की है; आई विज़न स्टूडियो (नागेंद्र यादव) का पोस्ट प्रोडक्शन पैकेज फिल्म को साफ सुथरा विजुअल लुक देता है।
संगीत, गीत और डायलॉग की ताकत
फिल्म का संगीत ओम झा ने दिया है और गीतों को अरबिंद तिवारी, प्यारे लाल यादव, राकेश निराला और नृपजीत सिंह (निप्पी) ने लिखा है, जो संस्कार, विवाह और विदाई जैसे भावनात्मक पलों को शब्द देते हैं।
सिंगर प्रियंका सिंह, अलका झा और सजन मिश्रा की आवाज़ें पारंपरिक विवाह गीतों और भावुक सीन्स में अलग ही स्वाद लाती हैं, जिससे दर्शक अपने घर-परिवार के फंक्शन्स की याद में खो जाते हैं।
ट्रेलर में “हम डोलवा के ना जब…”, “काहे खाली पिये के हो विदाई रे माई…” जैसे संवाद और गीत की लाइनें सीधा दिल पर चोट करती हैं और कहानी की दिशा साफ कर देती हैं कि यह सिर्फ शादी नहीं, रिश्तों की परीक्षा की कहानी है।
B4U Bhojpuri पर रिलीज और फैमिली ऑडियंस के लिए खास
फिल्म को प्रोड्यूस किया है संदीप सिंह और मंजुल ठाकुर ने, जबकि म्यूजिक, सैटेलाइट और डिजिटल पार्टनर B4U भोजपुरी है, जहां इसका ट्रेलर और फिल्म दोनों उनके आधिकारिक चैनल से रिलीज किए जा रहे हैं।
B4U क्रिएटिव टीम में मारुद शर्मा, नेहा उपाध्याय और विशाल यादव जैसे नाम शामिल हैं, जो फिल्म के प्रेज़ेंटेशन, प्रमोशन और पैकेजिंग को टीवी और डिजिटल ऑडियंस के हिसाब से तैयार कर रहे हैं।
“परिणय सूत्र” खास तौर पर उन दर्शकों के लिए है जो साफ सुथरी, पारिवारिक, इमोशन और संदेश से भरपूर भोजपुरी फिल्में देखना पसंद करते हैं, जहां डायलॉग, कहानी और रिश्ते ही असली हीरो बन जाते हैं।
No comments yet.